KUMBHALGARH – RAJASTHAN INDIA

कुंभलगढ किला – दुनियाकी दुसरी सबसे लंबी दिवार भारत मे है ( KUMBHALGARH – RAJASTHAN INDIA )


KUMBHALGARH

दुनिया की सबसे लंबी दिवार के लिये चीन ( CHINA ) मशहूर है और ये दिवार ( GREAT WALL OF CHINA ) दुनियाके सात अजुबोमे ( SEVEN WONDERS OF WORLDS ) गिनी जाती है ! मगर दुनियाकी दो नंबर की सबसे लंबी दिवार भारत ( INDIA )  मे है शायद ये सबको पता नही होगा ! राजस्थान ( RAJASTHAN ) के राजसमंद ( RAJASMAND DISTRICT ) जिल्हे के कुंभलगढ ( KUMBHALGARH ) को ये बहुमान हासिल है ! महाराणा कुंभ ने बनाये इस किले का निर्माण १५ सालोंतक सुरु था इसकी समुद्र सतह से उंचाई ११०० मीटर है और किले की दिवार की लंबाई ३६ किलोमीटर है ! 

इस किले का इतिहास बडाही मनोरंजक है ! किला बनवाते समय पहाड, खाई और सतह का बडे रचनात्मक तरीकेसे इस्तेमाल किया गया है ! ऐसा कहा जाता है सम्राट अशोक के दुसरे बच्चे ने बनवाया ये किला खंडहर बन गया था उसके उपर ही इस किले का निर्माण किया गया है ! १४४३ मे राणा कुंभ ने इस किले के निर्माण की शुरुवात तो की मगर इसका निर्माण पुरा नही हो रहा था ! तभी राजाने एक साधु को बुलाया, उस साधुने कहा बिना नरबली चढाये इस किले का निर्माण पुरा नही हो सकता ! राजा निराश हो गया और सोच मे पड गया बली किसकी दे ? तब साधुने उसकी ही बली चढाने को राजासे कहा ! 

साधुने कहा, मै चलते चलते जहा रुक जाऊ उसी जगह पे मेरी बली चढाके उस जगह पर देवी के मंदीर बनवाना ! ये कहकर साधु चलने लगा और वह ३६ किलोमीटर तक चलते गया और रुकने के बाद उसका सिर उडा दिया गया ! जहा सिर गिरा वहा मंदिर का पहला महाद्वार बनाया गया और जहा धड गिरा वहा दुसरा महाद्वार बनाया गया ! उस वजह से इस किले की दिवार ३६ किलोमीटर लंबी और १५ फिट चौडी है ! 

इस किले की विशेषता यह है की इस किलेपर ३६० से अधिक मंदिर है और उसमेसे ३०० जैन मंदिर है और बाकी बची हिंदु मंदिरे है ! राणा पृथ्वीराज और महाराणा संग का बचपन इसे किले पे बिता ऐसा इतिहास बया करता है ! पहाडोंकी उंची जगहोपर इमारते और मंदिर बनाये गये है और सपाट भूमी का इस्तेमाल खेती के लिये किया जाता था ! गहरी खाई और गहरी जगहोंका इस्तेमाल जलाशयोंके लिये किया गया है ! इस किले की यात्रा एकबार तो करनी चाहिये !  

राजस्थान के उदयपुर, चित्तोडगढ से कुंभलगढ ( Kumbhalgad – Rajasthan ) नजीक है ! टॅक्सी या निजी वाहन से यहा जा सकते है ! 

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